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नशे रूपी वहशी आत्मा के शिकार किरण (किरण जैन) को जब खुराक नहीं मिलती तो पागल सा हो उठता है। किरण की बहन सावित्री (गीता निशाद) हवेली की मालकिन होते हुए भी मगनलाल (बीरबल) छगनलाल (राजीव सक्सेना) की कर्जदार है।
दोनो भाई-बहन की ज़िंदगी में भुचाल तब आता है जब वह सेठ अनिल नागरथ (अनिल नागरथ) व जय कलगुटकर (जय कलगुटकर) के संपर्क में आते हैं, अनिल व जय दोनो उन भाई-बहन की तबाही के लिए रविना (रूबीना खान) व रिना (स्विटी) को इनके पीछे लगा देता है। उसके बाद शुरू होता है (वहशी आत्मा) का तांडव, जिसे देख कर एक-एक का होता है खात्मा शुरू।
क्या किरण और सवित्री चब पाये?
क्या अनिल व जय अपने चाल में कामयाब हो सके?
क्या वहशी आत्मा का खत्मा हो सका?
इन सब सवालों के जवाबों के साथ पेश है, पी.के. इन्टरनेशनल की फीचर फिल्म "वहशी आत्मा"।
(From the official press booklet)