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Police Lock Up (1995)

  • FormatColour
  • LanguageHindi
  • Gauge35 mm
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पुलिस लॉकअप की कहानी एक ऐसे वकील Sadashiv की कहानी है जो बिना torture के मुजरिम को सुधारना चाहता है। और एक ऐसे कानून के पुजारी इंस्पेक्टर Mukesh Khanna की कहानी है जो torture से मुजरिम को सुधारना चाहता है। इसके साथ साथ दो प्रेमियों के टूटते दिल की कहानी हुड़ी हुई है। वो मासुम नौजवान (Raj Premi) जो अपनी प्रेमिका के पिता के जुर्म के लिये अपने आपको सलाखों के पिछे ढकेल देता है। क्योंकि ये जुर्म राम प्रकाश अपनी बेटी को इंस्पेक्टर बनाने के लिये कर रहा है। और वो मासुम नौजवान सलाखों के पिछे जाते ही प्रथमेश से एक खतरनाक मुज़रिम प्रमु का रूप धारण कर लेता है। हर गली हर नुकड़ पर प्रमु के अड्डे खुल जाते है। और जब प्रिया (Shree Prada) कुछ सालों बाद प्रमु के इलाके में कदम रखती है। तो उसको उसका प्रथमेश एक खौफनाक गुण्डे के रूप में दिखता है जिसको वो अपने दिल पर पत्थर रखकर गिरफ्तार कर लेती है। फिर प्रथमेश को जेल से छोड़ता है इंस्पेक्टर प्रथम (Mukesh Khanna) इसी प्रथम को कुछ साल पहले शहर के खतरनाक DON मुतुस्वामी ने बरबाद किया होता है। मुतु ने प्रथम के कत्ल का इलजाम लगाकर उसे पागल करार दिया होता है। क्योंकि प्रथम मुतु के रास्ते का कांटा बन गया था और क्योंकि प्रथम का कहना था कि मुजरिम को torture से सुधारा जाता है। और वकील का कहना था कि मुजरिम को बिना torture के सुधारा जाता है।

1. क्या इंस्पेटर प्रिया और प्रथम ने मुतु को जवतजनतम से जुर्म कबुल करवाया?

2. क्या प्रिया प्रथम अन्त मील सके?

3. या वकील ने क्या ये साबित वा कि मुजरिम को बिना किसी torture के सुधारा जा सकता है?

ये जानने के लिये आपको देखनी पड़ेगी Priya Art Present - Police Lockup.

(From the official press booklet)