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Meri Adaalat (1984)

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  • Release Date1984
  • GenreAction
  • FormatColour
  • LanguageHindi
  • Run Time131 min
  • Length4379.98 metres
  • Number of Reels16
  • Gauge35mm
  • Censor RatingA
  • Censor Certificate Number4679
  • Certificate Date03/01/1084
  • Shooting LocationVauhini, AVM, Krishna Garden
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ईमानदार और सच्चे इन्सपेक्टर अशोक की बहन आशा, एक न्यायाधीश का इकलौता बेटा अर्जुन और शहर के एक प्रभावशाली और दौलतमंद सेठ मोहन राज का पुत्र श्रीकान्त, तीनों एक ही कालेज में पढ़ते हैं।

आशा सुन्दर भी है और पढ़ाई में तेज भी।

श्रीकान्त अपने साथी रवी, जानी और दामोदर को लेकर जबतब आशा के साथ छेड़खानी किया करता है।

अर्जुन आशा को प्यार करता है लेकिन किसी कारणवश आशा उससे नफ़रत करती है। एक दिन आशा को अर्जुन एक रहज़न के हाथों से बचाता है। नफरत प्यार में बदल जाती है।

आशा और अर्जुन के प्यार को देखकर अर्जुन के पिता दोनों की शादी कर देते हैं।

हनीमून मनाने के लिये आशा और अर्जुन ऊटकमंड जाकर प्रेमविहार होटल में ठहरते हैं। बगल के कमरे में ठहरे हुए, अधेड़ उम्र के चार पर्यटक दीवार में छेद करके अर्जुन और आशा का प्रेमालाप देखते रहते हैं और हर जगह आशा का पीछा करते हैं।

एक दिन इन्स्पेक्टर अशोक को ख़बर मिलती है कि आशा का खून हो गया है और बेहोशी की हालत में घायल अर्जुन अस्पताल में पड़ा हुआ है।

पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से पता चलता है कि आशा के साथ कई लोगों ने बलात्कार किया था।

अशोक को अपनी महबूबा प्रमिला से ख़बर मिलती है; कि एक बार श्रीमान्त की छेड़खानी का बहोत कड़ा जवाब आशा ने दिया था।

अशोक श्रीकान्त, रवी, जानी और दामोदर को गिरफ़तार कर लेता है। श्रीकान्त की मार से घबराकर दोमोदर बता देता है कि असली खूनी श्रीकान्त है।

सेठ मोहन राज की दौलत अपना खेल शुरू करती है।

बेहोशी की हालत में ही अर्जुन को मार दिया जाता है। लाकअप में दोमोदर का खून हो जाता है। दोमोदर की मौत का इल्जाम अशोक पर लगाया जाता है। उसे नौकरी से सुअत्तल कर दिया जाता है।

गवाह बयान बदल देते हैं। सारे सबूत ग़ायब हो जाते हैं। अशोक की आत्मा चिल्ला उठती है।

क्या अशोक दौलत के जादू को तोड़ सका?
अपराधियों को सज़ा दिला सका?

इसका जवाब रजत पट देगा......

क्या अशोक अपराधियों को पकड़ कर सज़ा दिलवा सका?

इसका जवाब रजत पट देगा......

[From the official press booklet]

Cast

Crew